मुरादाबाद का मुस्लिम नरसंहार, 13 अगस्त 1980 : bloody Eid 1980
मुरादाबाद का मुस्लिम नरसंहार, 13 अगस्त 1980 :एक किशोर प्रत्यक्षदर्शी की दर्दनाक यादें 13 अगस्त 1980 तारीख़ का वो दिन है, जिसे भूल पाना मुश्किल है, ये वो दिन था जब मुरादाबाद ईदगाह में सैकड़ों नमाज़ियों को गोलियों से भून दिया गया था, ये अलग बात है कि आज उसकी बरसी है और सोशल मीडिया पर सन्नाटा है, इस नरसंहार पर खामोशी की सबसे बड़ी वजह शायद आपको मालूम ना हो, लेकिन इस खामोशी की सबसे बड़ी वजह ये है कि ये नरसंहार बाक़ायदा कांग्रेस की देखरेख में हुआ था, और ये कोई हिन्दू मुस्लिम का दंगा नही था बल्कि इंदिरा गांधी का "मुसलमानों को सबक सिखाने" वाला दंगा था, ये अलग बात है कि बाद में उसी धार्मिक रंग दे दिया गया, यक़ीन जानिए अगर ये नरसंहार भाजपा शासन में हुआ होता तो इसकी बरसी मनाई जाती और कथित सेक्युलर/लिबरल घड़ियाली आंसू बहा रहे होते, इस सरकार में बीजेपी के एक मंत्री हैं जिनका नाम "एम जे अकबर" है, वो उस वक़्त पत्रकार हुआ करते थे, कभी उन्हें पढ़ियेगा... ख़ैर, पढ़िये..... मुरादाबाद शहर मेरी यादों में एक खास जगह रखता है, मैं अप्रैल 1980 में एक किशोर के रूप में इस शहर के लिए आया था और मुस्लिम म...