मुग़ल बादशाह बाबर, babar,
मुग़ल बादशाह बाबर
मुग़ल बादशाह बाबर का जन्म 14 फ़रवरी 1483 को उजेबकिस्तान में हुआ था। बादशाह बाबर मुग़ल सल्तनत के संस्थापक और चंगेज़ खान और तैमूर के वंशज थे। तुर्की भाषा में मंगोल को मुग़ल बोलते थे , यहीं से बाबर को मुग़ल नाम मिला था
बाबर को उनके वालिद की वफ़ात के बाद 12 साल की उम्र में ही फ़रगान घाटी का बादशाह बना दिया गया। कम उम्र का फायदा उठाते हुए उसके चाचा ने बाबर को सत्ता से बेदखल कर दिया। बाबर ने चन्द वफादार सैनिकों के साथ समरकन्द छोड़ दिया और फिर 7 महीने बाद दोबारा मुट्ठी भर सैनिकों के साथ 13 साल की उम्र में जंग की और समरकंद जीत लिया।
बाबर बहुत ही बहादुर और निडर थे । वह एक्सरसाइज के वक़्त दो लोगो कंधो पर लादकर पहाड़ पर चढ़ते और उतरते थे । चन्देरी की जंग में जब उन्हें कहीं रास्ता नही मिला तो उन्होनें रातों रात पहाड़ चीर कर किला फतह कर लिया था।
राणा सांगा ने बाबर को इब्राहिम लोधी को हटाने के लिए निमंत्रण भेजा जिसके बाद बाबर ने इब्राहिम लोधी पर फ़तह हासिल कर ली और हिंदुस्तान में मुग़ल सल्तनत की नींव रखी। राणा सांगा ने सोचा था बाबर वापस चला जायेगा और दिल्ली परउसका का क़ब्ज़ा हो जाएगा लेकिन बाबर ने ऐसा नही किया बाबर को हिंदुस्तान की आबो हवा पसंद आई हिंदुस्तान छोड़कर नही गया।
राणा सांगा ने बाबर को हराने के लिए फिर से जंग की तेयारी की उसने और महमूद लोधी और हसन खान मेवाती ने मिलकर मुग़लों पर हमला कर दिया। राणा सांगा अपनी बड़ी सेना के साथ जीत को लेकर अश्वस्त थे।
उधर बाबर के साथियों ने भी हार का अंदेशा ज़ाहिर कर दिया। राणा सांगा की बड़ी सेना और उनके बयान सुनकर मुग़ल सैनिको का मनोबल गिर गया था । लेकिन बाबर पीछे हटने वालो में से नही था उसने अपने सैनिकों को एक जगा इकठ्ठा किया और ऊंटो पर लदी सारी शराब फेंकवा दी, और फिर दोबारा शराब को हाथ न लगाने की क़सम दिलवाई और एक जोशीला खुतबा देकर फिर से अपने सैनिकों मे जोश और हुंकार भर दी। आधे से भी कम सैनिक होने के बावजूद भी बाबर ने हिम्मत न हारी महमूद लोधी और राणा सांगा की विशाल सेना को 1527 में हर दिया।
फिर बाबर ने इस जंग के बारे में एक किताब लिखी 'बाबर नामा' जिसमे में लिखा है हमने मेवात के सुल्तान हसन खान मेवाती के बेटे को जंग में पकड़ा था उसके कहने पर बगैर शर्त आज़ाद भी कर दिया था लेकिन उसने हमारे साथ दग़ा किया वापस जाकर राणा सांगा से मिल गया।
mughal saltanat

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